न रंग आंखों का लाल रखना
न वीरान वीरान सा हाल रखना
जो चाहतों में लिखे थे मैंने
खतूत सारे संभल रखना
मचल मचल के अदा दिखाना
अदा के अन्दर कमाल रखना
तुझे दिलों की मिले हुकूमत
तू शाहों जैसा जलाल रखना
सकून तुमको मिलेगा इस में
तू रिजक अपना हलाल रखना
तेरी दुवाएँ हैं साथ मेरे
तुम अपना थोड़ा ख्याल रखना
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