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Thursday, June 4, 2009

adam ki shayyiri

मयकदा था चांदनी थी मैं न था
इक मुजस्सम बेखुदी थी मैं न था
इश्क जब दम तोड़ता था तुम न थे
मौत जब सर धुन रही थी मैं न था
तूर पर छेड़ा था जिसने आप को
वो मेरी दीवानगी थी मैं न था
मैकदे के मोड़ पर रुकती हुई
मुद्दतों की तिशनगी थी मैं न था
मैं और उस गुन्चादाहन की आरजू
आरजू की सादगी थी मैं न था
गेसूओं के साए में आराम-कश्
सर-बरहना जिंदगी थी मैं न था
दैर-ओ-काबा में 'अदम' हैरत-फरोश
दो जहाँ की बद्ज़नी थी मैं न था

Saturday, May 30, 2009

adam ki shayyiri

मेरी और उसकी निगाहों का तसादुम कुछ न पूछ
बेखुदी में आईने से आईना टकरा गया

Friday, May 29, 2009

adam ki shayyiri

वो ऐसी कौनसी शै है जो उसके पास नहीं
खुदा तवंगरो-सरमायादार[अमीर] है साकी

Thursday, May 21, 2009

adam ki shayyiri

तेरे फुयूज़ का कोई शुमार है साकी
जिधर निगाह उठाओ, बहार है साकी

adam ki shayyiri

दुश्मनी बन्दों से, यजदाँ से अकीदत इतनी
हज्नते शेख, ये किस नौअ[किसम] की अय्यारी है

adam ki shayyiri

नोके अब्रू को तान लेते हैं
किस अदा से वो जाँ लेते हैं

Sunday, May 10, 2009

adam ki shayyiri

जी खुश हो गया मस्जिदे-वीराँ को देखकर
मेरी तरह खुदा का भी खाना खराब है

Tuesday, April 28, 2009

adam ki shayyiri

अभी क़हते-अनवार[very bright light] का कया सवाल
अभी तो दरे-मैकदा बाज़ है

adam ki shayyiri

मुझे तौबा का पूरा अजन[reward] मिलता है उसी साअत
कोई ज़ुहराज़बीं पीने पे जब मजबूर करता है

adam ki shayyiri

मुहब्बत खुबसूरत ख्वाहिशों की दीपमाला है
यें वो अकमील[देश] है जिसमें उजाला ही उजाला है

Saturday, April 25, 2009

adam ki shayyiri

जाम पर ही ना सिर्फ टाळ हमें
अंखडियो से भी कर निहाल हमें

wel come