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Saturday, May 30, 2009

dr.ehsan mustafa ki shayyiri

वो मुझे छोड़ गया तोह मुझे यकीन आया
कोई भी शख्स ज़रूरी नही जिंदगी के लिए

dr.ehsan mustafa ki shayyiri

जब लोग ही जज्बों की तौकीर नही करते,
हम भी कोई दुःख अपना तहरीर नही करते
दिल चीर जाता है लहजा का ये रुखापन
करती हैं जुबां वो कुछ जो तीर नही करते
लिखते हैं वही जो कुछ हर इक पे गुज़रती है
परियों की कहानी हम तहरीर नही करते
इस दौर में हम उन्को कह्ते हैं मुफकिर
जो तनकीद तोह करते हैं पर तदबीर नही करते

wel come