वो मुझे छोड़ गया तोह मुझे यकीन आया
कोई भी शख्स ज़रूरी नही जिंदगी के लिए
nikala mujhko zannat se fareb-e-zindgi de kar.............. diya phir shaunq zannat ka ye hairani nahi jaati.......
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Saturday, May 30, 2009
dr.ehsan mustafa ki shayyiri
जब लोग ही जज्बों की तौकीर नही करते,
हम भी कोई दुःख अपना तहरीर नही करते
दिल चीर जाता है लहजा का ये रुखापन
करती हैं जुबां वो कुछ जो तीर नही करते
लिखते हैं वही जो कुछ हर इक पे गुज़रती है
परियों की कहानी हम तहरीर नही करते
इस दौर में हम उन्को कह्ते हैं मुफकिर
जो तनकीद तोह करते हैं पर तदबीर नही करते
हम भी कोई दुःख अपना तहरीर नही करते
दिल चीर जाता है लहजा का ये रुखापन
करती हैं जुबां वो कुछ जो तीर नही करते
लिखते हैं वही जो कुछ हर इक पे गुज़रती है
परियों की कहानी हम तहरीर नही करते
इस दौर में हम उन्को कह्ते हैं मुफकिर
जो तनकीद तोह करते हैं पर तदबीर नही करते
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