Wednesday, March 18, 2009

तुम कहती हो मुझे फुलों से प्यार है
मगर जब फूल खिलते हैं
उन्हें टहनी से तोड़ डालती हो

तुम कहती हो मुझे बारिशों से प्यार है
मगर जब बारिश होती है
तो छुप जाती हो

तुम्केहती हो मुझे हवाओं से प्यार है
मगर जब हवा चलती है तो
खिड़कियाँ बंद कर लेती हो

फिर उस वक़त मैं
खोफज़दा सा हो जाता हूँ
जब तुम ये कहती हो
मुझे तुमसे प्यार है...!

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wel come