वो हंस पड़े तो कई दर्द टाळ देता है
किसी किसी को खुदा ये कमाल देता है
किसी किसी से वो करता है प्यार कि बातें
किसी किसी को नवीद-ए-विसाल देता है
वो आँख भर के जिसे एक बार भी देखे
यकीन करो उसे मुश्किल में डाल देता है
निगाह-ए-बद से बचाए खुदा उसे के वो सक्श
मुखालिफत को हिमायत में ढाल देता है
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