Wednesday, April 22, 2009

patthar sulag rahe the ko_ii naqsh-e-paa na tha
hum uss taraf chale the jidhar rasta na tha

2 comments:

  1. वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ न करे
    मैं तुझको भूल के ज़िंदा रहूँ ख़ुदा न करे



    रहेगा साथ तेरा प्यार ज़िन्दगी बनकर
    ये और बात मेरी ज़िन्दगी वफ़ा न करे



    ये ठीक है नहीं मरता कोई जुदाई में
    ख़ुदा किसी से किसी को मगर जुदा न करे



    सुना है उसको मोहब्बत दुआयें देती है
    जो दिल पे चोट तो खाये मगर गिला न करे



    ज़माना देख चुका है परख चुका है उसे
    "नितिन" जान से जाये पर इल्तजा न करे

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  2. वो लोग बहुत ख़ुशक़िस्मत थे
    जो इश्क़ को काम समझते थे
    या काम से आशिक़ी करते थे
    हम जीते जी मसरूफ़ रहे
    कुछ इश्क़ किया कुछ काम किया

    काम इश्क़ के आड़े आता रहा
    और इश्क़ से काम उलझता रहा
    फिर आख़िर तंग आकर हम ने
    दोनों को अधूरा छोड़ दिया

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wel come