तेरा ख्याल दिल से मिटाया नही अभी
बेदर्द मैंने तुझको भुलाया नही अभी
कल तुने मुसकुरा के जलाया था ख़ुद जिसे
सीने में वो चराग बुझाया नही अभी
गर्दन को आज भी तेरे बाहों की याद है
चौखट से तेरी, सर को उठाया नही अभी
बेहोश हो के जल्द तुझे होश आ गया
मैं बदनसीब होश में आया नही अभी
No comments:
Post a Comment