मेरे ख्वाबों के गुलशन में
खिजाएँ रक्स करती हैं
मेरे होंटों की लर्जिश में
वाफ्फें रक्स करती हैं
मुझे उस शख्स की खातिर
मेरे दिल के अंधेरों में
दुआ'एन रक्स करती हैं
उससे कहने के लौट आए
सुलगती शाम से पहले
किसी की खुश्क आंखों में
सद्दा'एन रक्स करती हैं
कशिश है तेरी यादों में
मैं तेरा ज़िक्र चेडून तोह
हवाएं रक्स करती हैं
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