Monday, June 8, 2009

unknown

उस ने फिर मेरा हाल पुछा है
कितना मुश्किल सवाल पुछा है
हिचकियों का अजब लहजा था
बात को टाळ टाळ पूछा है
तुम मुझे छोड़ तो ना जाओगे
वास्ते डाळ डाळ पुछा है
आंसुओं की जुबां में उसने
जितना पुछा है कमाल पुछा है
क्या कभी मिल सकेंगे हम दोनों
मुझसे मेरा ख्याल पुछा है....!!!!

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