कोई इश्क़ में मुझसे अफजूं [अधिक] ना निकला
कभी सामने होके मजनूं ना निकला
बड़ा शोर सुनते थे पहलु में दिल का
जो चीरा तो इक कतरा-ए-खूं ना निकला
बजा कह्ते आए हैं हेच [तूच्छ] इसको शायर
कमर का कोई हमसे मजमूँ ना निकला
हुआ कौन-सा रोजे-रोशन ना कला
कब अफसाना-ए-जुल्फे-शबगूं [काले बालों कि कहानी] ना निकला
रहा सालहा-साल जंगल में 'आतिश'
मेरे सामने बेद-मजनूं [पेड़ का नाम] ना निकला
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