जिनदगी है की हरीक हाल में कट जाती है
आपने दिल से भुलाया है,तो कोई बात नही
आप को याद हमारी भी तो आती होगी
नाम मुँह पर नही आया है, कोई बात नही
हमको खुशबु तो उन आँखों की मिली है हरदम
प्यार अगर मिल नही पाया है, कोई बात नही
उनंके नाखून काटने की है चर्चा घर घर
हमने सर भी जो कटाया है, कोई बात नही
फिर बहरे आयेंगी फिर बाग़ में फूलेंगे "गुलाब"
जी तो ऐसे ही भर आया है, कोई बात नही
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