Friday, May 22, 2009

unknown

दिल से जो बात निकलती है - असर रखती है
पर नहीं - ताकते-परवाज़ मगर रखती है
मुनफेअत[लाभ]एक है - इस कौम की नुक्सान भी एक
एक है सब का नबी[पैगंबर]-दीन भी-ईमान भी एक
हरम[काबा]-ए-पाक भी, अल्लाह भी, कुरान भी एक
कुछ बड़ी बात थी - होते जो मुसलमान भी एक
फिरकाबंदी है कहीं - और कहीं जातें हैं
कया ज़माने में पनपने की यही बातें हैं

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